DS4
- Get link
- X
- Other Apps
डी.एस.4 (DS4) – हमारे बारे में
डी.एस.4 (दमित शोषित समाज सशक्तिकरण संघ )एक सामाजिक जागरूकता एवं बहुजन हित के लिए कार्य करने वाला संगठन है। संगठन का उद्देश्य सामाजिक न्याय, समानता, शिक्षा, संवैधानिक मूल्यों तथा बहुजन समाज में जागरूकता और संगठनात्मक एकता को बढ़ावा देना है।
वर्ष 2026 में डी.एस.4 को पुनः सक्रिय (Re-established) करने का कार्य पम्मू राज रतन (King Online Tutor) द्वारा किया गया, ताकि संगठन के मूल उद्देश्यों को आगे बढ़ाया जा सके और समाज सेवा के कार्यों को नई ऊर्जा के साथ संचालित किया जा सके।
हमारा लक्ष्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक शिक्षा, जागरूकता, संगठन और संवैधानिक अधिकारों की जानकारी पहुँचाना तथा सामाजिक परिवर्तन के लिए सकारात्मक प्रयास करना है।
संगठनात्मक संरचना (Organizational Structure)
1.राष्ट्रीय प्रमुख (National Head):
बहन मायावती जी
राष्ट्रीय अध्यक्ष, बहुजन समाज पार्टी (BSP)
उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री (1995, 1997, 2002, 2007)
पूर्व सांसद – लोकसभा एवं राज्यसभा
2.कार्यकारी प्रमुख (Working Head – DS4 Re-established in 2026):
पम्मू राज रतन (King Online Tutor)
3.जोनल प्रमुख (Zonal Head)
4.राज्य प्रमुख (State Head)
5.सीनियर हेड (Senior Head)
6.क्षेत्रीय प्रमुख (Regional Head)
7.बहुजन सैनिक (Bahujan Soldier)
हमारा संकल्प:
"शिक्षित बनो,संघर्ष करो,संगठित बनो' के आदर्शों पर चलते हुए सामाजिक न्याय, समान अवसर और बहुजन समाज के सम्मान के लिए निरंतर कार्य करना।
बहुजन सैनिक शपथ
मैं, ____________________, आज पूर्ण निष्ठा एवं सत्यनिष्ठा के साथ यह शपथ लेता/लेती हूँ कि—
- मैं डी.एस.4 के संविधान, उद्देश्य, सिद्धांतों एवं अनुशासन का सदैव पालन करूँगा/करूँगी।
- मैं संगठन, उसके सदस्यों तथा उसकी वैध एवं गोपनीय जानकारी की सुरक्षा करूँगा/करूँगी और किसी भी गोपनीय सूचना का अनुचित प्रकटीकरण नहीं करूँगा/करूँगी।
- मैं संगठन के साथ कभी विश्वासघात, छल, कपट या किसी प्रकार की बेईमानी नहीं करूँगा/करूँगी।
- मैं किसी भी लालच, धन, पद, भय या दबाव में आकर अपने कर्तव्य और निष्ठा से कभी विचलित नहीं होऊँगा/होऊँगी।
- मैं संगठन के सर्वोच्च नेतृत्व का सम्मान करूँगा/करूँगी तथा संगठन के वैध निर्णयों और अनुशासन का पालन करूँगा/करूँगी।
- मैं संगठन की प्रतिष्ठा, एकता और सम्मान को सदैव बनाए रखने का प्रयास करूँगा/करूँगी।
- मैं समाज सेवा, सामाजिक न्याय, समानता तथा संविधान के मूल्यों के प्रति सदैव समर्पित रहूँगा/रहूँगी।
- आवश्यकता पड़ने पर मैं संगठन के वैध उद्देश्यों की पूर्ति के लिए अपना समय, श्रम, ज्ञान और सामर्थ्य पूर्ण निष्ठा के साथ समर्पित करूँगा/करूँगी।
- मैं हर परिस्थिति में सत्य, ईमानदारी और अनुशासन का पालन करूँगा/करूँगी तथा संगठन का गौरव बढ़ाने का प्रयास करूँगा/करूँगी।
- मैं यह शपथ ईश्वर एवं अपने अंतःकरण को साक्षी मानकर लेता/लेती हूँ कि जीवनभर डी.एस.4 के आदर्शों, संगठन और उसके मिशन के प्रति निष्ठावान रहूँगा/रहूँगी।
जय भीम!
जय भारत!
बहुजन हिताय, बहुजन सुखाय।
डीएस4 (दमित शोषित समाज सशक्तिकरण संघ) बहुजन सैनिक आचार संहिता
एक अनुशासित कार्यकर्ता ही मजबूत संगठन की पहचान होता है। प्रत्येक डीएस4 बहुजन सैनिक निम्नलिखित नियमों का पालन करने का संकल्प ले:
- हमेशा संविधान, कानून और लोकतांत्रिक मूल्यों का सम्मान करें।
- किसी भी प्रकार के अपराध, हिंसा या गैरकानूनी गतिविधि में कभी शामिल न हों।
- किसी भी व्यक्ति, समाज, धर्म या संगठन के प्रति अपमानजनक भाषा, गाली-गलौज या अभद्र व्यवहार न करें।
- विवाद की स्थिति में धैर्य, संयम और शांति बनाए रखें।
- संगठन के संविधान, नियमों और अधिकृत निर्देशों का ईमानदारी से पालन करें।
- संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों का सम्मान करें तथा अनुशासन बनाए रखें।
- संगठन की पूर्व अनुमति या अधिकृत निर्देश के बिना किसी भी धरना, प्रदर्शन, रैली या अन्य सार्वजनिक कार्यक्रम में संगठन के नाम से भाग न लें।
- सोशल मीडिया पर केवल सत्य, प्रमाणित और जिम्मेदार जानकारी ही साझा करें। अफवाहों और भ्रामक सामग्री से दूर रहें।
- जाति, धर्म, भाषा, क्षेत्र या व्यक्तिगत आधार पर नफरत फैलाने वाले व्यवहार से दूर रहें तथा सभी के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार करें।
- शिक्षा, संगठन, सामाजिक सेवा और जनजागरूकता को अपने कार्य का आधार बनाएं।
- समय का पालन करें, ईमानदारी से कार्य करें और संगठन की गरिमा को सर्वोपरि रखें।
- नशामुक्त, चरित्रवान और समाज के लिए प्रेरणादायक जीवन जीने का प्रयास करें।
- सार्वजनिक संपत्ति, पर्यावरण और सामाजिक सौहार्द की रक्षा करें।
- अपने व्यवहार से डीएस4, बहुजन समाज और संगठन की सकारात्मक छवि प्रस्तुत करें।
- संगठन का प्रत्येक बहुजन सैनिक यह संकल्प ले कि वह अपने आचरण, सेवा और अनुशासन से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास करेगा।
हमारा मूल मंत्र:
"शिक्षा • संगठन • अनुशासन • सेवा • संविधान का सम्मान"
जय भीम! जय भारत!
- Get link
- X
- Other Apps

Comments
Post a Comment